प्रश्न 6
Sub-questions (5)
(a) राम ने 10 नवंबर, 2022 को अपने दोस्त रोहन से ₹ 5 लाख में एक पुरानी कार खरीदी। उसने तुरंत ₹ 4 लाख का भुगतान किया और एक साल के भीतर ₹ 1 लाख का भुगतान करने का वादा किया। लेकिन, वह दिसंबर-2023 तक शेष राशि का भुगतान नहीं कर सका। 5 जनवरी, 2024 को राम को रोहन की शादी का निमंत्रण मिला जिसमें वह शामिल नहीं हो सका लेकिन डाक द्वारा उपहार के रूप में ₹ 51,000 का चेक भेजा। जब रोहन ने चेक जमा किया, तो राम के खाते में अपर्याप्त शेष राशि के कारण वह बिना भुगतान के वापस आ गया। रोहन ने इसे परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत एक अपराध माना। सलाह दें (i) क्या राम चेक के अनादरण (dishonour) के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा? (ii) क्या रोहन परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत इसे एक अपराध मानने में उचित था?
(b) भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित शब्दों को परिभाषित करें: (i) आभासी संविदा (Quasi-contracts) और इसकी प्रमुख विशेषताएँ
(ii) माल पाने वाले का दायित्व
(c) माल विक्रय अधिनियम, 1930 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित का उत्तर दें: (i) निपटान के अधिकार के आरक्षण (Reservation of right of disposal) से आपका क्या अभिप्राय है? उन परिस्थितियों का उल्लेख करें जिनके तहत निपटान का अधिकार आरक्षित किया जा सकता है।
(ii) कभी-कभी शर्त के उल्लंघन को वारंटी का उल्लंघन माना जाएगा जिसके परिणामस्वरूप खरीदार अपना अनुबंध रद्द करने का अधिकार खो देता है। उन परिस्थितियों का उल्लेख करें जहाँ शर्त के उल्लंघन के कारण भी अनुबंध को रद्द नहीं किया जा सकता है।